Jio Platforms IPO को पहले दिन शानदार मांग, 10 मिनट में QIB हिस्सा सब्सक्राइब
Naresh Kumar
Oct 21, 2026
Jio Platforms IPO को संस्थागत निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला। QIB श्रेणी में सुबह 10 बजे तक 2.86 गुना अभिदान हुआ। कंपनी इस IPO से करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। बोली 23 अक्टूबर को बंद होगी।

नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को बुधवार को संस्थागत निवेशकों से मजबूत मांग मिली। निर्गम खुलने के महज 10 मिनट के भीतर पात्र संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। सुबह 10 बजे तक इस श्रेणी में अभिदान 2.86 गुना पहुंच गया।
QIB श्रेणी में शेयरों की मांग दोगुने से ज्यादा
सूत्रों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में पात्र संस्थागत खरीदारों के लिए 4,90,07,827 शेयर आरक्षित किए गए हैं। बोली प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही मिनट में इस श्रेणी को पूरा अभिदान मिल गया और आधे घंटे से भी कम समय में मांग उपलब्ध शेयरों के दोगुने से अधिक हो गई।
हालांकि, शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह तक पूरे निर्गम को 0.83 गुना अभिदान मिला था। संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग को इस IPO के शुरुआती रुझान के तौर पर देखा जा रहा है।
30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
बुधवार को खुला यह IPO 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी इसके जरिए नए शेयर जारी कर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इस निर्गम में बिक्री पेशकश (OFS) शामिल नहीं है, यानी मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं।
यह निर्गम 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO को पीछे छोड़कर मूल्य के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने की ओर है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने शेयरों के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। ऊपरी मूल्य स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है। इस IPO के तहत कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
एंकर निवेशकों से भी मिला मजबूत समर्थन
सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने सोमवार को 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। सूत्रों के मुताबिक, एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं।
यह शुरुआती मांग ऐसे समय आई है, जब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि जियो अपने बड़े ग्राहक आधार के जरिए दूरसंचार सेवाओं से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं, उद्यम प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (AI) से कितना राजस्व हासिल कर सकती है।
AI और क्लाउड कारोबार पर भी जियो का फोकस
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, AI और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी। उन्होंने कंपनी को केवल दूरसंचार सेवा प्रदाता के बजाय एक व्यापक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया।
‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में अंबानी ने कहा कि जियो में नेटवर्क और प्रौद्योगिकी को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता, क्योंकि कंपनी का नेटवर्क ही उसकी तकनीकी क्षमता का आधार है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO ऐसे समय आ रहा है, जब निवेशक यह देख रहे हैं कि कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार का इस्तेमाल कर डिजिटल सेवाओं, AI और क्लाउड कारोबार से अधिक राजस्व जुटा पाती है या नहीं। ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ नए और अधिक लाभकारी कारोबार विकसित करना अब कंपनी की विकास रणनीति का अहम हिस्सा है।